Desk | Mumbai
मध्यप्रदेश के विदिशा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मां अपने बेटे की मौत के बाद भी पांच दिनों तक उसके शव के पास बैठकर प्रार्थना करती रही। महिला को विश्वास था कि प्रार्थना और बाइबल पाठ से उसका बेटा दोबारा जिंदा हो जाएगा। इस घटना का खुलासा तब हुआ जब दूध सप्लाई करने पहुंचे युवक को घर से तेज दुर्गंध और दरवाजे के नीचे से बहता खून दिखाई दिया। जानकारी के अनुसार, विदिशा में रहने वाली 64 वर्षीय मरियमा वर्गीस अपने 42 वर्षीय बेटे शिनू वर्गीस के साथ रहती थीं। शिनू मुंबई में फैशन डिजाइनर के रूप में काम करता था और पिछले एक साल से मां की देखभाल के लिए घर पर रह रहा था। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले शिनू बाथरूम में गिरकर घायल हो गया था। उस समय मरियमा ने एक परिचित ऑटो चालक की मदद से उसे बिस्तर पर लिटाया, लेकिन अस्पताल ले जाने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि उन्हें यीशु मसीह पर पूरा भरोसा है और प्रार्थना से उनका बेटा ठीक हो जाएगा।
इलाज नहीं मिलने के कारण शिनू की हालत बिगड़ती गई और उसकी मौत हो गई। पुलिस के शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि उसकी मौत 21 या 22 मई के बीच हुई थी। लेकिन मां ने बेटे का अंतिम संस्कार करने के बजाय शव को घर में ही रखा और लगातार प्रार्थना करती रहीं। शव के पास बाइबल रखी गई थी और कमरे में पूजा-सामग्री बिखरी हुई थी। सोमवार को दूधवाला सचिन लोधी जब घर पहुंचा तो उसे तेज बदबू आने लगी। दरवाजे के नीचे से खून बहता देख उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो मरियमा दरवाजा खोलने को तैयार नहीं थीं। काफी समझाने के बाद जब पुलिस घर के अंदर पहुंची तो वहां का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। बिस्तर पर पड़ा शव सड़ चुका था और उसके आसपास कीड़े पड़ चुके थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं मरियमा वर्गीस की मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बेटे को समय पर अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया और आखिर उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
