Desk | Gadchiroli
48 घंटे से टैंकर का इंतजार, वाहन चालक परेशान जिले में पेट्रोल-डीजल की किल्लत दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। रविवार (25 मई) को एक बार फिर जिले के करीब 30 फीसदी पेट्रोल पंपों पर डीजल पूरी तरह खत्म हो गया। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को मिलाकर जिले में लगभग 50 पेट्रोल पंप हैं, लेकिन कई पंपों पर डीजल उपलब्ध नहीं होने से ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों, ट्रैक्टर मालिकों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि डीजल की बुकिंग कर अग्रिम भुगतान करने के बावजूद समय पर टैंकर नहीं पहुंच रहे हैं। पेट्रोल पंप संचालकों को भी भारी तनाव झेलना पड़ रहा है। कई पंपों तक डीजल टैंकर पहुंचने में 48 घंटे तक का समय लग रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर यह इंतजार 60 घंटे तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
ऐसे में उपलब्ध स्टॉक खत्म होते ही पंपों पर “डीजल नहीं” की स्थिति बन रही है। लगातार बनी इस किल्लत से जिले के नागरिकों, व्यापारियों और वाहन चालकों में चिंता बढ़ गई है। लोगों ने शासन से जल्द से जल्द ईंधन आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है। डीजल की कमी के कारण वाहन चालकों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। ट्रैक्टर और मालवाहक वाहन चालक 40 से 50 किलोमीटर दूर शहर के उन पेट्रोल पंपों तक पहुंच रहे हैं, जहां थोड़ा बहुत डीजल उपलब्ध है। इससे कई पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। रविवार को साप्ताहिक बाजार के दिन चंद्रपुर मार्ग स्थित दो पेट्रोल पंपों पर शाम तक डीजल खत्म हो गया था। वहीं चामोर्शी और आरमोरी मार्ग के पेट्रोल पंपों पर भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली। कैन और बोतल में ईंधन देने से इनकार ईंधन का सीमित स्टॉक होने के कारण शहर के कुछ पेट्रोल पंपों ने कैन और बोतलों में पेट्रोल-डीजल देने से साफ इनकार कर दिया है। इसके लिए पंप परिसरों में सूचना फलक भी लगाए गए हैं। इससे खेती और माल परिवहन के लिए पहले से ईंधन संग्रह कर रखने वाले किसानों और नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। सीमित मात्रा में दिया जा रहा ईंधन शहर में बढ़ती ईंधन किल्लत के चलते वाहन चालकों को सीमित मात्रा में ही पेट्रोल और डीजल दिया जा रहा है। दोपहिया वाहन चालकों को 200 से 300 रुपये तक का पेट्रोल दिया जा रहा है, जबकि कार चालकों को 500 से 700 रुपये तक ही पेट्रोल भराया जा रहा है। इसी तरह चारपहिया वाहनों को भी 800 से 1000 रुपये तक का ही डीजल दिया जा रहा है। इससे अधिक ईंधन देने से कई पेट्रोल पंप संचालक इनकार कर रहे हैं। गडचिरोली शहर में भी कमी के चलते कई पंपों पर सीमित मात्रा में ही पेट्रोल और डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है। लोगों को घर में कैन में ईंधन जमा करने के लिए भी पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जा रहा है।
